Rumored Buzz on ⚠️ Galat samay par ki gayi sadhna vipreet asar bhi de sakti hai.
शब्द सांचा, पींड काचा। राजगुरु का बचन जुग जुग साचा।
शनि, कालसर्प, मंगलदोष, पितृदोष एक झटके में खत्म, बस शर्त ये हैं
ऊँ ह्रीं श्रीं चामुण्डा सिंहवाहिनी बीसहस्ती भगवती रत्नमण्डित सोनन की माल ।
साधना के समय जल का लोटा अपने पास रखें।
कुछ नया जानने और सीखने की जादुई दुनिया !
मंत्र जप के दौरान अनुशासन:- मंत्र जाप करते समय मन को एकाग्र रखें। झूठ, क्रोध अथवा किसी भी चिंता से दूर रहें। साधना के दौरान धूम्रपान या अन्य नशा करना भी वर्जित है।
साफ-स्वच्छ, धुले हुए वस्त्रों का उपयोग करें।
शास्त्रों के अनुसार देखा जाए तो ग्रहण काल का समय अशुभ माना जाता है और ग्रहण काल के समय भारत के लगभग सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद check here कर दिए जाते हैं.
मंत्र को गुप्त रखें:- शाबर मंत्र को गुप्त रखना अनिवार्य है। किसी अयोग्य व्यक्ति के साथ मंत्र साझा नहीं करें। साथ ही साधना के समय मौन रहना चाहिए।
गुरु के सिवा किसी भी अन्य व्यक्ति से साधना सम्बन्धी कोई बात न करें।
उत्तरपथ में आप बठी, हाथ सिद्ध वाचा ऋद्धि-सिद्धि । धनधान्य देहि-देहि कुरु-कुरु स्वाहा ।।
साधना काल में धूम्रपान या कोई अन्य नशा आदि न करें।
” ॐ भगवती भग भाग दायिनी देव दत्तीं मम वश्यं कुरु कुरु स्वाहा ”
विचार शुद्ध करने के लिये : विचार शुद्धि के लिए मंत्र...